BPSC TRE Previous Question Paper Quiz
विद्यालय अध्यापक परीक्षा के पूछे गए प्रश्न
For Class (1-5), (6-8), (9-10), (11-12)
Results
#1. राजस्थानी भाषा का उद्भव अपभ्रंश के किस क्षेत्रीय रूप से हुआ है?
Explanation: राजस्थानी को परंपरागत रूप से पश्चिमी शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित माना जाता है।
#2. राजभाषा आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
Explanation: भारत के प्रथम राजभाषा आयोग (1955) के अध्यक्ष बी. जी. खेर थे।
#3. निम्नलिखित में से कौन-सी बोली पश्चिमी हिंदी की नहीं है?
Explanation: ब्रज, बाँगरू और कन्नौजी तीनों ही पश्चिमी हिन्दी समूह की बोलियाँ मानी जाती हैं।
#4. निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र खड़ी बोली का नहीं है?
Explanation: बरेली रोहिलखंडी क्षेत्र में आता है, जो खड़ी बोली का मुख्य क्षेत्र नहीं माना जाता।
#5. निम्नलिखित बोलियों को उनके क्षेत्र के साथ सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए : बोली a. अवधी, b. बुंदेली, c. ब्रजभाषा, d. छत्तीसगढ़ी क्षेत्र 1. झाँसी, 2. बिलासपुर, 3. इलाहाबाद, 4. मथुरा
Explanation: वास्तविक मेल है—अवधी–इलाहाबाद (3), बुन्देली–झाँसी (1), ब्रजभाषा–मथुरा (4), छत्तीसगढ़ी–बिलासपुर (2), जो दिए गए कूटों में किसी से नहीं मिलता।
#6. हिंदी भाषा के विकास के लिए विशेष निर्देश भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में हैं?
Explanation: अनुच्छेद 351 में संघ का यह कर्तव्य बताया गया है कि वह हिन्दी के प्रसार और विकास के लिए निर्देश दे।
#7. अब तक की जानकारी के अनुसार हिंदी भाषा में हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन का सबसे पहला प्रयास किस विद्वान् का है?
Explanation: शिव सिंह सेंगर की पुस्तक ‘कवि-सेवक-सुधाकर’ को हिन्दी साहित्य-इतिहास लेखन के प्रारम्भिक प्रयासों में गिना जाता।
#8. “चित्रवृत्तियों को परखते हुए साहित्य-परंपरा के साथ सामंजस्य दिखाना ही साहित्य का इतिहास कहलाता है।” यह विचार किस विद्वान् का है?
Explanation: यह परिभाषा रामचंद्र शुक्ल के साहित्य-इतिहास संबंधी विचारों से जुड़ी है।
#9. मिश्र बंधु द्वारा लिखित “हिंदी नवरत्न” में इनमें से किस कवि को स्थान नहीं मिला है?
Explanation: ‘हिन्दी नवरत्न’ में अन्य प्रमुख भक्त/रीतिकालीन कवि हैं, पर मलिक मुहम्मद जायसी उसमें सम्मिलित नहीं हैं।
#10. पं. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने “उत्तर मध्यकाल” को किस नाम से अभिहित किया है?
Explanation: विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने उत्तर मध्यकालीन हिन्दी साहित्य को ‘शृंगार काल’ कहा है।
#11. भारतीय पत्रकारिता का पितामह किसे माना जाता है?
Explanation: भारत में प्रथम अंग्रेज़ी समाचार-पत्र ‘हिक्कीज़ बंगाल गजट’ निकालने के कारण जेम्स हिक्की को भारतीय पत्रकारिता का पितामह कहा जाता है।
#12. “तात्पर्य यह है कि छायावाद जिस आकांक्षा का परिणाम था उसका लक्ष्य केवल अभिव्यक्ति की रोचक प्रणाली का विकास था।” छायावाद के संबंध में यह विचार किस विद्वान् का है?
Explanation: शुक्ल जी ने छायावाद के लक्ष्य के रूप में अभिव्यक्ति की रोचक शैली के विकास को रेखांकित किया है।
#13. इनमें से किस जैन कवि को अपभ्रंश का वाल्मीकि कहा जाता है?
Explanation: अपभ्रंश काव्य में महत्त्वपूर्ण योगदान के कारण स्वयंभू को ‘अपभ्रंश का वाल्मीकि’ कहा गया है।
#14. निम्नलिखित दार्शनिक मतों को उनके प्रवर्तक आचार्यों के साथ सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए : दार्शनिक मत a. विशिष्टाद्वैतवाद, b. शुद्धाद्वैतवाद, c. अद्वैतवाद, d. द्वैताद्वैतवाद प्रवर्तक आचार्य 1. शंकराचार्य, 2. रामानुजाचार्य, 3. निम्बार्काचार्य, 4. वल्लभाचार्य
Explanation: सही मेल है—विशिष्टाद्वैतवाद–रामानुज (a-2), शुद्धाद्वैतवाद–वल्लभ (b-4), अद्वैतवाद–शंकराचार्य (c-1), द्वैताद्वैत–निम्बार्क (d-3), जो किसी विकल्प में नहीं है।
#15. “प्रगतिवाद केवल साम्यवादी मार्ग को ही अपनाने के लिए विवश है, जबकि प्रगतिशील किसी भी वाद विशेष से आबद्ध नहीं होता।” यह विचार किस विद्वान् का है?
Explanation: गणपति चंद्र गुप्त ने प्रगतिवाद और प्रगतिशीलता के बीच यह भेद रेखांकित किया।
#16. “प्रपद्यवाद” के अंतर्गत इनमें से किस रचनाकार का नाम सम्मिलित नहीं है?
Explanation: प्रपद्यवादियों की सूची में नलिन विलोचन शर्मा और केशरी कुमार को रखा जाता है, नंद किशोर आचार्य को नहीं।
#17. “शमशेर मूड्स के कवि हैं किसी विजन के नहीं।” यह कथन किस विद्वान् का है?
Explanation: आलोचक मलयज ने शमशेर बहादुर सिंह की कविता के बारे में यह टिप्पणी की है।
#18. इनमें से कौन छायावादी कवि अपने रचनाकाल के अंतिम दौर में प्रगतिवाद के भौतिक दर्शन के साथ-साथ अरविंद दर्शन से प्रभावित हुआ?
Explanation: पंत जी के उत्तरकालीन काव्य पर अरविंद दर्शन और प्रगतिवादी भौतिक दृष्टि दोनों का प्रभाव माना जाता है।
#19. “भूली कहत नवरस सुकवि, सकल मूल श्रृंगार।” यह विचार रीतिकाल के किस आचार्य का है?
Explanation: यह पंक्ति दिए गए किसी भी आचार्य की नहीं मानी गई, इसलिए सही विकल्प ‘कोई नहीं’ है।
#20. इन आचार्यों में से अलंकारवादी आचार्य कौन है?
Explanation: केशवदास को विशेष रूप से अलंकारवादी आचार्य के रूप में जाना जाता है।
निम्नलिखित कथनों, स्थापना (अ) और तर्क (ब) पर विचार कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही विकल्प का चयन कीजिए :
स्थापना (अ) :
पाश्चात्य समीक्षाशास्त्र से परिचित होने के बाद हिन्दी आलोचना का स्वरूप बदला है अब कृति की मूल प्रवृत्तियों एवं शाश्वत तत्त्वों का विवेचन होने लगा है।
तर्क (ब) :
संस्कृत पद्धति पर आधारित आलोचना में केवल शास्त्रीय पक्ष को महत्त्व मिलता है। अतः कृति के समस्त गुण-दोषों का उद्घाटन नहीं हो सकता।
#21. निम्नलिखित कथनों, स्थापना (A) और तर्क (R) पर विचार कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही विकल्प का चयन कीजिए : स्थापना (A) : पाश्चात्य समीक्षाशास्त्र से परिचित होने के बाद हिंदी आलोचना का स्वरूप बदला है अब कृति की मूल प्रवृत्तियों एवं शाश्वत तत्वों का विवेचन होने लगा है। तर्क (R) : संस्कृत पद्धति पर आधारित आलोचना में केवल शास्त्रीय पक्ष को महत्व मिलता है। अतः कृति के समस्त गुण-दोषों का उद्घाटन नहीं हो सकता।
Explanation: दोनों वाक्य हिन्दी आलोचना के विकास की सही स्थितियों को बताते हैं और तर्क (R), स्थापना (A) की पुष्टि करता है।
#22. इनमें से कौन मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार नहीं है?
Explanation: जैनेन्द्र और इलाचंद्र जोशी को मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार माना जाता है, जबकि यशपाल मुख्यतः सामाजिक-यथार्थवादी उपन्यासकार हैं।
#23. प्रेमचंद के किस उपन्यास में विधवा समस्या है?
Explanation: प्रेमचंद के अन्य उपन्यासों/कहानियों में विधवा-विवाह आदि की समस्या मिलती है, पर इन तीनों में मुख्य समस्या अलग है।
#24. जयशंकर प्रसाद के किस नाटक में तलाक और पुनर्विवाह की समस्या है?
Explanation: ‘ध्रुवस्वामिनी’ का केन्द्रीय विषय ही स्त्री की स्वतंत्रता, तलाक और पुनर्विवाह के प्रश्न हैं।
#25. “आधुनिक काल में गद्य का आविर्भाव सबसे प्रधान घटना है।” यह कथन किसका है?
Explanation: शुक्ल जी ने आधुनिक युग में गद्य के उद्भव को प्रमुख साहित्यिक घटना कहा है।
#26. कालिदास के “शकुंतला” नाटक का खड़ी बोली में अनुवाद किसने किया?
Explanation: ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’ का प्रसिद्ध खड़ी बोली रूपान्तरण राजा लक्ष्मण सिंह ने किया।
#27. मोहन राकेश के किस नाटक में टूटते पारिवारिक मूल्यों का चित्रण है?
Explanation: दिए गए तीनों में पारिवारिक संबंध आते हैं, पर ‘टूटते पारिवारिक मूल्य’ जिस रूप में पूछा गया है, वह इन किसी एक पर केन्द्रित नहीं माना गया, इसलिए की-answer ‘कोई नहीं’ रखा गया है।
#28. “कौमुदी महोत्सव” एकांकी किस सम्राट के काल को चित्रित करती है?
Explanation: इस एकांकी में चंद्रगुप्त के समय के सांस्कृतिक वातावरण को दिखाया गया है
#29. इनमें से कौन प्रगतिवादी परम्परा का कहानीकार नहीं है?
Explanation: यशपाल और रांगेय राघव को प्रगतिशील धारा से जोड़ा जाता है, जबकि इलाचंद्र जोशी मनोवैज्ञानिक कथा-धारा के लिए प्रसिद्ध हैं।
#30. “जिंदगी और गुलाब के फूल” यह प्रसिद्ध कहानी संकलन किसका है?
Explanation: यह कहानी-संग्रह उषा प्रियंवदा का है, जिनका नाम विकल्पों में नहीं है।
#31. “पं. प्रतापनारायण मिश्र और बालकृष्ण भट्ट ने हिंदी गद्य-साहित्य में वही काम किया जो अंग्रेजी में एडिसन और स्टील ने किया।” यह विचार किसका है?
Explanation: शुक्ल जी ने अपने इतिहास में इन दो गद्य-रचनाकारों की तुलना एडिसन और स्टील से की है।
#32. “निर्वेयक्तिकता” (Impersonality) का सिद्धांत किसका है?
Explanation: टी. एस. इलियट ने कविता के निर्वैयक्तिकता सिद्धांत को प्रतिपादित किया।
#33. साहित्य का उद्देश्य “विरेचन” (Catharsis) किसने माना है?
Explanation: अरस्तू के अनुसार त्रासदी का उद्देश्य करुणा और भय के माध्यम से ‘कथार्सिस’ यानी विरेचन है।
#34. भरतमुनि के रससूत्र की “अनुमितिवाद” पर आश्रित व्याख्या किस आचार्य की है?
Explanation: इस प्रश्न को आधिकारिक रूप से ‘डिलीट’ घोषित किया गया, इसलिए कोई विकल्प सही नहीं माना गया।
#35. संस्कृत के किस आचार्य ने “विशेषोगुणात्म” सूत्र के आधार पर रीति और गुण में अभेद माना है?
Explanation: ‘विशेषोगुणात्मा’ सूत्र जिस प्रकार से प्रयुक्त है, उसके आधार पर यहाँ किसी एक आचार्य को निश्चित रूप से नहीं लिया गया, इसलिए ‘कोई नहीं’ उत्तर रखा गया।
#36. डॉ. नामवर सिंह को उनकी किस आलोचना कृति पर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है?
Explanation: ‘कविता के नए प्रतिमान’ के लिए डॉ. नामवर सिंह को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
#37. निम्नलिखित सूचियों को सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए : सूची-1 (प्रवर्तक) a. भरतमुनि, b. आनंदवर्द्धन, c. कुन्तक, d. वामन सूची-2 (सम्प्रदाय) 1. ध्वनि सम्प्रदाय, 2. वक्रोक्ति सम्प्रदाय, 3. रीति सम्प्रदाय, 4. रस सम्प्रदाय
Explanation: भरतमुनि–रस, आनंदवर्द्धन–ध्वनि, कुन्तक–वक्रोक्ति, वामन–रीति सम्प्रदाय से सम्बद्ध माने जाते हैं।
#38. क्रोचे के अभिव्यंजनावाद को वक्रोक्ति सिद्धांत का “विलायती संस्करण” किसने कहा है?
Explanation: यह उक्ति जिन पर लागू होती है, उनका नाम दिए गए विकल्पों में नहीं है, इसलिए ‘कोई नहीं’ सही है।
#39. “स्त्री-विमर्श” पर आधारित “तब्दील निगाहें” किस लेखिका की कृति है?
Explanation: ‘तब्दील निगाहें’ मैत्रेयी पुष्पा की स्त्री-विमर्शधर्मी रचना है।
#40. “दलित साहित्य का सौंदर्यशास्त्र” नामक कृति के लेखक हैं
Explanation: ‘दलित साहित्य का सौंदर्यशास्त्र’ दलित साहित्यकार ओमप्रकाश वाल्मीकि की महत्वपूर्ण कृति है।
#41. आदिवासी विमर्श पर आधारित “आदिवासियों का संसार” नामक पुस्तक के लेखक हैं
Explanation: यह काव्य-संग्रह संथाली कवयित्री आशा सुषमा किस्कू का है, जिनका नाम विकल्पों में नहीं है।
#42. “सन्देश यहाँ मैं नहीं स्वर्ग का लाया। इस भूतल को ही स्वर्ग बनाने आया।।” उपर्युक्त पंक्तियों के रचयिता हैं
Explanation: ये पंक्तियाँ दिनकर की कर्मवादी-राष्ट्रवादी चिन्ता को व्यक्त करने वाली कविता से ली गई मानी जाती हैं।
#43. रामधारी सिंह “दिनकर” को उनकी किस कृति पर “भारतीय ज्ञानपीठ” पुरस्कार प्राप्त हुआ है?
Explanation: दिनकर को 1972 में ज्ञानपीठ पुरस्कार उनकी कृति ‘उर्वशी’ के लिए मिला।
#44. निम्नलिखित में से कौन-सा रासो ग्रंथ छंदों का अजायबघर कहलाता है?
Explanation: ‘बीसलदेव रासो’ में छंद-विविधता अत्यधिक होने से इसे छंदों का अजायबघर कहा गया है।
#45. कबीर उलंटबासीयों के विशेषज्ञ माने जाते हैं, इससे पहले उलंटबासीयाँ किस साहित्य में प्राप्त होती हैं?
Explanation: उलटबाँसियों का प्राचीनतम रूप सिद्ध-साहित्य में मिलता है, बाद में कबीर आदि में प्रचलित हुआ।
#46. मैथिलीशरण गुप्त को “राष्ट्रकवि” की उपाधि किसने दी?
Explanation: गांधीजी ने गुप्त जी को ‘राष्ट्रकवि’ कहकर संबोधित किया था।
#47. निम्नलिखित कृतियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए : कृति a. अकाल और उसके बाद, b. कलगी बाजरे की, c. गीतफरोश, d. ब्रह्मराक्षस रचनाकार 1. मुक्तिबोध, 2. भवानी प्रसाद मिश्र, 3. अज्ञेय, 4. नागार्जुन
Explanation: ‘अकाल और उसके बाद’–नागार्जुन, ‘कलगी बाजरे की’–अज्ञेय, ‘गीतफरोश’–भवानी प्रसाद मिश्र, ‘ब्रह्मराक्षस’–मुक्तिबोध से मिलान (कूट B) के अनुसार बैठता है।
#48. “एक आदमी रोटी बेलता है, एक आदमी रोटी खाता है, एक तीसरा आदमी भी है, जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है।” उपर्युक्त पंक्तियाँ धूमिल की किस कविता से हैं?
Explanation: यह प्रसिद्ध पंक्तियाँ धूमिल की कविता ‘मोचीराम’ से ली गई हैं।
#49. कमलेश्वर द्वारा रचित कहानी नहीं है
Explanation: ‘राजा निरबंसिया’ किसी अन्य लेखक की रचना मानी जाती है; ‘एक और जिंदगी’ और ‘मांस का दरिया’ कमलेश्वर की कहानियाँ हैं।
#50. “चंद्रगुप्त” नाटक में दृश्यों की कुल संख्या है
Explanation: जयशंकर प्रसाद के ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में 44 दृश्य माने जाते हैं।
#51. “शेखर एक जीवनी” उपन्यास के नायक के चरित्र की प्रमुख विशेषता है
Explanation: ‘शेखर’ अत्यंत संवेदनशील और भावुक नायक के रूप में चित्रित है, जो समूचे उपन्यास में दिखता है।
#52. “महामाया” हजारी प्रसाद द्विवेदी के किस उपन्यास की पात्र है?
Explanation: ‘पुनर्नवा’ उपन्यास की नायिका महामाया है।
#53. “गैंग्रीन” कहानी के लेखक हैं
Explanation: ‘गैंग्रीन’ निर्मल वर्मा की आधुनिक कहानी के रूप में जानी जाती है।
#54. बहुत कम कहानी लिखकर भी सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त कहानीकार इनमें से कौन हैं?
Explanation: ‘उसने कहा था’ सहित केवल तीन कहानियों के बावजूद गुलेरी को अत्यधिक प्रसिद्धि मिली।
#55. वैद्य जी किस उपन्यासकार की सृष्टि हैं?
Explanation: वैद्य जी व्यंग्यात्मक राजनीतिक चरित्र ‘राग दरबारी’ (श्रीलाल शुक्ल) के हैं, जिनका नाम विकल्पों में नहीं है।
#56. अमृतलाल नागर का कौन-सा उपन्यास महाकवि सूरदास पर आधारित है?
Explanation: ‘खंजन नयन’ सूरदास के जीवन पर केन्द्रित उपन्यास है।
#57. “जिसे संसार दुःख कहता है, वही कवि के लिए सुख है। धन और ऐश्वर्य, रूप और बल, विद्या और बुद्धि, ये विभूतियाँ चाहे संसार को कितना ही मोहित कर लें, कवि के लिए यहाँ जरा भी आकर्षण नहीं है।” यह कथन “गोदान” के किस पात्र का है?
Explanation: यह विचारवादी कथन मेहता के माध्यम से व्यक्त हुआ है।
#58. “देवसेना” जयशंकर प्रसाद के किस नाटक की पात्र हैं?
Explanation: ‘स्कंदगुप्त’ नाटक में देवसेना प्रमुख स्त्री पात्र है।
#59. “लघुमानव” की महत्ता को किसने प्रतिपादित किया?
Explanation: साही ने अपनी आलोचना में ‘लघुमानव’ की महत्ता और उसकी वैचारिक उपस्थिति पर बल दिया है।
#60. इनमें से किस लेखक के निबंध “ललित निबंध” विधा के प्रस्थान बिंदु बने?
Explanation: हिन्दी में ‘ललित निबंध’ की परिपक्व शुरुआत द्विवेदी जी के निबंधों से मानी जाती है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में
नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए।
राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है।
#61. उपर्युक्त गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक क्या होगा?
Explanation: पूरा गद्यांश भाषा की उपयोगिता और राष्ट्रीयता में उसकी भूमिका पर केन्द्रित है, इसलिए यह शीर्षक सबसे सटीक है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में
नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए।
राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है।
#62. “अभिव्यक्ति” शब्द का अर्थ है
Explanation: ‘अभिव्यक्ति’ का सामान्य अर्थ है—मन की बात या भावों को प्रकट करना।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में
नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए।
राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है।
#63. “प्रकट” का विलोम शब्द है
Explanation: जो प्रकट नहीं, वह ‘गुप्त’ है—यह सीधा विलोम संबंध है।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में
नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए।
राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है।
#64. “नदी” का पर्यायवाची शब्द नहीं है
Explanation: ‘इला’ सामान्यतः पृथ्वी के अर्थ में प्रयोग होता है, नदी के लिए नहीं।
निर्देश (प्रश्न संख्या 101 से 105 तक) : इस खण्ड में
नीचे दिए गए गद्यांश से संबंधित प्रश्न दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पत्रक में अंकित कीजिए।
राष्ट्रीयता के विकास के लिए भाषा एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। भाषा ही एक ऐसा साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य और मानव-समुदाय अपने भावों को एक-दूसरे के सामने प्रकट करते हैं। जिस प्रकार पहाड़, नदी तथा समुद्र मनुष्य के आपस में मिलने-जुलने में रुकावट पैदा करते हैं, वैसे ही भाषा की भिन्नता मनुष्यों में पारस्परिक संबंध स्थापित करने में बाधक होती है। मनुष्य के विभिन्न समुदायों के अपने-अपने आदर्श, विचार और अपनी-अपनी भावनाएँ होती हैं जिनकी अभिव्यक्ति भाषा द्वारा होती है। संगीत और साहित्य की अभिव्यक्ति का साधन भी भाषा ही है। भाषा एक ऐसा साधन है, जिससे मनुष्य एक-दूसरे के समीप आ जाते हैं, उनमें घनिष्ठता स्थापित हो जाती है। यही कारण है कि एक भाषा बोलने वाले लोग परस्पर सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीयता की भावना के लिए भाषा तत्त्व परम आवश्यक है।
#65. गद्यांश का आशय है
Explanation: गद्यांश का निष्कर्ष यही है कि समान भाषा के कारण लोगों में घनिष्ठता और सहानुभूति बढ़ती है।
#66. गुणवाचक विशेषण नहीं है
Explanation: ‘चौगुना’ परिमाणवाचक (संख्या-सूचक) विशेषण है, गुणसूचक नहीं।
#67. “एक आँख से देखना” मुहावरे का अर्थ है
Explanation: इस मुहावरे का अर्थ है–सबके साथ समान व्यवहार या समान दृष्टि रखना।
#68. किस शब्द में दीर्घ स्वर संधि नहीं है?
Explanation: ‘महाशय’ (महा+आशय) और ‘महोत्सव’ (महा+उत्सव) दोनों दीर्घ स्वर संधि से बने हैं, ‘पितृण’ ऐसा नहीं है।
#69. “मैंने रमेश को मारा था।” वाक्य में भूतकाल का कौन-सा भेद है?
Explanation: ‘मारा था’ क्रिया-रूप पूर्ण भूतकाल (Past Perfect) को दर्शाता है।
#70. “मनोज पुस्तक पढ़ता है।” वाक्य में वाच्य है
Explanation: यहाँ कर्ता ‘मनोज’ स्वयं क्रिया कर रहा है, इसलिए कर्तृवाच्य है।
#71. द्वन्द्व समास का उदाहरण है
Explanation: दो समान पद (भूखा और प्यासा) मिलकर द्वन्द्व समास बना रहे हैं।
#72. शुद्ध वर्तनी है
Explanation: तीनों शब्द—साम्राज्य, श्राप, पैतृक—तीनों की वर्तनी शुद्ध हैं, इसलिए “एक से अधिक” सही है।
#73. “चट मँगनी पट ब्याह” लोकोक्ति का अर्थ है
Explanation: यह विशेष रूप से बिना देरी के जल्दी विवाह हो जाने के प्रसंग में कही जाती है।
#74. “अनल-अनिल” श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ हैं
Explanation: ‘अनल’ = अग्नि और ‘अनिल’ = वायु।
#75. “वाग्जाल” का संधि-विच्छेद होगा
Explanation: मूल रूप ‘वाक्’ + ‘जाल’ है; संधि के बाद ‘वाग्जाल’ रूप बनता है।
#76. “अ” प्रत्यय से युक्त शब्द नहीं है
Explanation: ‘कुलीन’ में ‘ईन’ प्रत्यय है; शैव आदि में ‘अ’ सम्बद्ध प्रत्यय-रूप से आते हैं।
#77. अशुद्ध वाक्य है
Explanation: शुद्ध रूप ‘आज का दिन सबसे अच्छा है’ होना चाहिए; बाकी वाक्य व्याकरण की दृष्टि से स्वीकार्य हैं।
#78. “अस्पताल में मरीज की मृत्यु हो जाने के बाद जब डॉक्टर इलाज के लिए आया, लोगों ने कहा कि ____।” रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त लोकोक्ति है
Explanation: काम की जरूरत निकल जाने के बाद सहायता आने पर यह लोकोक्ति बोली जाती है।
#79. द्विगु समास का प्रयोग किस वाक्य में हुआ है?
Explanation: दिए गए वाक्यों में कोई भी ऐसा शब्द नहीं है जो संख्यावाचक + संज्ञा के रूप में द्विगु समास रचता हो।
#80. किस वाक्य में प्रेरणार्थक क्रिया का प्रयोग हुआ है?
Explanation: ‘लिखवाता है’ – लिखवाना = लिखने के लिए किसी को प्रेरित/प्रेरित कराना – प्रेरणार्थक क्रिया है।
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